चंडीगढ़ निवासियों के लिए भारत की जनगणना के स्व-गणना में भाग लेने का कल (30 अप्रैल) अंतिम दिन

चंडीगढ़ निवासियों के लिए भारत की जनगणना के स्व-गणना में भाग लेने का कल (30 अप्रैल) अंतिम दिन

Chandigarh residents to participate in the self-enumeration

Chandigarh residents to participate in the self-enumeration

भारत की जनगणना 2026-27 (पहला चरण) के लिए स्व-गणना 1 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 के बीच हो रही है । यह प्रत्येक राज्य के लिए एक वैकल्पिक, 15 दिवसीय ऑनलाइन प्रक्रिया है, जो भौतिक गृह-सूचीकरण से पहले आयोजित की की जा रही है। जिससे परिवार जनगणना अधिकारी के आने से पहले आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन जानकारी भर सकते हैं। यह सुरक्षित, डिजिटल प्रक्रिया आवास की स्थिति, सुविधाओं और बुनियादी घरेलू विवरणों को कवर करती है और आधिकारिक फील्ड विजिट के दौरान सत्यापन के लिए एक विशिष्ट आईडी (एसई आईडी) उत्पन्न करती है। दूसरा चरण: जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा।

राज्य/संघ राज्य       स्व-गणना अवधि       मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना अवधि
चंडीगढ़    16 अप्रैल से 30 अप्रैल    1 मई से 30 मई
हरियाणा    16 अप्रैल से 30 अप्रैल    1 मई से 30 मई
पंजाब    30 अप्रैल से 14 मई    15 मई से 13 जून
हिमाचल प्रदेश    1 जून से 15 जून    16 जून से 15 जुलाई

चंडीगढ़ में 2027 की जनगणना के लिए स्व-गणना, जो 16 अप्रैल, 2026 को शुरू हुई थी, 30 अप्रैल, 2026 तक चले गी। सिटी फोरम ऑफ रेजिडेंट्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन्स (सीफोरवो) के संयोजक विनोद वशिष्ठ ने बताया कि मैंने चंडीगढ़ में जनगणना शुरू होने के पहले ही दिन, 16 अप्रैल, 2026 को अपना स्व-गणना करवा लिया था। पिछले शुक्रवार को मैंने चंडीगढ़ और पंजाब की जनगणना संचालन निदेशक और नागरिक पंजीकरण निदेशक डॉ. नवजोत खोसा से बात की थी और उनसे शहर की आरडब्ल्यूए और संस्थानो के लिए प्रशिक्षण कार्याशालयें आयोजित करने का अनुरोध किया था।

प्रक्रिया:
1. स्वयं-गणना पोर्टलमें (se.census.gov.in) लॉग इन करके विवरण भरें (लगभग 15-20 मिनट)।
2. परिवार का कोई भी सदस्य फॉर्म भर सकता है। 
3. मोबाइल/ईमेल के माध्यम से एक अद्वितीय स्व-गणना आईडी (एसई आईडी) प्राप्त करें।
4. इस चरण में 33 अधिसूचित प्रश्नों पर आधारित संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की गुणवत्ता, सुविधाएं (पानी, बिजली, स्वच्छता) और संपत्ति (वाहन, फोन) शामिल हैं। 
5. जिसमें इमारतों की जियो-टैगिंग भी शामिल है जिसका उद्देश्य प्रक्रिया को तेज करना और डेटा की सटीकता में सुधार करना है।

जिन निवासियों ने स्व-गणना पूरी कर ली है वे अपनी स्व-गणना आईडी को तैयार रखें और मकानसूचीकरण के लिए आने वाले प्रगणक से साझा करें। यह कार्य चंडीगढ़ में 30 दिनों की अवधि, अर्थात् 1 मई से 30 मई, 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके दौरान प्रशिक्षित प्रगणक घर-घर जाकर आंकड़ों को एकत्र करेंगे। जिन परिवारों ने स्वयं जनगणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें भी जनगणना करने वालों द्वारा घर-घर जाकर मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना में शामिल किया जाएगा।

सभी निवासियों से अनुरोध है कि वे मकानसूचीकरण कार्य के दौरान प्रगणकों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।